Best Places to Visit in Maharashtra in Monsoon – बारिश के मौसम में घूमने की 11 सबसे खूबसूरत जगहें

Places to Visit in Maharashtra in Monsoon: बारिश का मौसम आते ही महाराष्ट्र की खूबसूरती बिल्कुल बदल जाती है। गर्मियों में सूखी दिखाई देने वाली पहाड़ियां कुछ ही दिनों में हरी चादर ओढ़ लेती हैं। छोटे-बड़े झरने पूरे वेग से बहने लगते हैं, घाटियों में बादल उतर आते हैं और घुमावदार सड़कों पर सफर किसी फिल्मी दृश्य जैसा महसूस होने लगता है। अगर आप भी बारिश के मौसम में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो महाराष्ट्र आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यहां ऐसे कई हिल स्टेशन, किले, झरने और प्राकृतिक स्थल हैं जिनकी असली खूबसूरती सिर्फ मानसून के दौरान ही देखने को मिलती है। चाहे आप वीकेंड ट्रिप पर जाना चाहते हों, परिवार के साथ छुट्टियां बिताना चाहते हों या पार्टनर के साथ किसी रोमांटिक जगह की तलाश में हों, महाराष्ट्र में हर तरह के ट्रैवलर के लिए शानदार डेस्टिनेशन मौजूद हैं।

हालांकि मानसून में यात्रा करते समय सही जगह चुनना बेहद जरूरी होता है। कुछ इलाकों में लगातार बारिश के कारण सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं, जबकि कई जगहें इस मौसम में पहले से भी ज्यादा आकर्षक बन जाती हैं। इसलिए इस गाइड में हमने सिर्फ उन्हीं जगहों को शामिल किया है, जहां मानसून के दौरान घूमने का अनुभव वास्तव में यादगार बनता है। इस लेख में हम महाराष्ट्र की 11 ऐसी जगहों के बारे में विस्तार से जानेंगे, जहां बारिश का मौसम प्रकृति को एक नया जीवन दे देता है। साथ ही हर जगह के बारे में यह भी बताएंगे कि वहां कैसे पहुंचें, क्या देखें, कितने दिन रुकें, कितना बजट रखें और यात्रा के दौरान किन बातों का ध्यान रखें।

महाराष्ट्र में मानसून के दौरान घूमना क्यों खास होता है- Places to Visit in Maharashtra in Monsoon

भारत के पश्चिमी घाट (Western Ghats) का बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र से होकर गुजरता है। यही कारण है कि मानसून के दौरान यहां सबसे पहले हरियाली लौटती है। जून से सितंबर के बीच राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होती है, जिससे पहाड़, घाटियां, जंगल और झरने अपने सबसे सुंदर रूप में दिखाई देते हैं। मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों से कुछ ही घंटों की दूरी पर कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जहां लोग सिर्फ वीकेंड बिताने के लिए पहुंच जाते हैं। यही वजह है कि मानसून टूरिज्म के मामले में महाराष्ट्र देश के सबसे लोकप्रिय राज्यों में गिना जाता है। अगर आपको बादलों के बीच ड्राइव करना, पहाड़ों पर ट्रेक करना, झरनों के पास समय बिताना या सिर्फ प्रकृति के बीच कुछ दिन आराम करना पसंद है, तो मानसून में महाराष्ट्र की यात्रा आपको निराश नहीं करेगी।

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1. लोनावाला – Lonavala

a group of people on a mountain
Lonavala- Best Places to Visit in Maharashtra in Monsoon

अगर मानसून में महाराष्ट्र घूमने की बात हो और लोनावाला का नाम न आए, ऐसा लगभग नामुमकिन है। मुंबई और पुणे के बीच स्थित यह खूबसूरत हिल स्टेशन बारिश शुरू होते ही लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने लगता है। यही वजह है कि इसे महाराष्ट्र का सबसे लोकप्रिय मानसून डेस्टिनेशन माना जाता है। बारिश के दौरान लोनावाला की हर पहाड़ी हरे रंग से ढक जाती है। रास्ते में बहने वाले छोटे-छोटे झरने, बादलों से घिरे घाट और ठंडी हवा सफर को बेहद यादगार बना देते हैं। अगर आप पहली बार मानसून में महाराष्ट्र घूमने जा रहे हैं, तो लोनावाला आपकी सूची में सबसे ऊपर होना चाहिए।

यहां घूमने के दौरान भूशी डैम, टाइगर पॉइंट, लायंस पॉइंट, राजमाची व्यू पॉइंट, कार्ला गुफाएं और लोहागढ़ किला जरूर देखें। बारिश के मौसम में इन जगहों का नजारा सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना ज्यादा खूबसूरत होता है। मुंबई से लोनावाला की दूरी लगभग 85 किलोमीटर और पुणे से करीब 65 किलोमीटर है। सड़क और रेल, दोनों माध्यमों से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। अगर आप सुबह जल्दी निकलते हैं, तो रास्ते भर बादलों के बीच ड्राइव करने का शानदार अनुभव मिलेगा।

  • घूमने का सबसे अच्छा समय: जुलाई से सितंबर
  • कितने दिन रुकें: 2 दिन
  • अनुमानित बजट: ₹4,000–₹8,000 प्रति व्यक्ति (2 दिन)
  • किन लोगों के लिए सबसे अच्छा: फैमिली, कपल, फ्रेंड्स और वीकेंड ट्रैवलर्स

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2. महाबलेश्वर – Mahabaleshwar

people standing on rock near water falls during daytime
Mahabaleshwar- Best Places to visit in Monsoon in Maharashtra

अगर आप मानसून में ऐसी जगह घूमना चाहते हैं जहां हर तरफ बादल, झरने और हरी-भरी घाटियां दिखाई दें, तो महाबलेश्वर आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। महाराष्ट्र के सतारा जिले में स्थित यह हिल स्टेशन सालभर पर्यटकों के बीच लोकप्रिय रहता है, लेकिन बारिश के मौसम में इसकी खूबसूरती अपने चरम पर पहुंच जाती है।

जैसे ही मानसून शुरू होता है, पूरे इलाके की पहाड़ियां हरे रंग से ढक जाती हैं। रास्ते में बहने वाले झरने, घाटियों के ऊपर तैरते बादल और ठंडी हवाएं यहां आने वाले हर पर्यटक का दिल जीत लेती हैं। अगर आप प्रकृति के बीच कुछ दिन शांति से बिताना चाहते हैं, तो महाबलेश्वर आपको बिल्कुल निराश नहीं करेगा।

यह जगह सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपने शानदार व्यू पॉइंट्स के लिए भी जानी जाती है। आर्थर सीट पॉइंट, एलिफेंट्स हेड पॉइंट, केट्स पॉइंट, विल्सन पॉइंट और लिंगमाला वॉटरफॉल मानसून के दौरान सबसे ज्यादा देखे जाने वाले स्थान हैं। खासकर लिंगमाला जलप्रपात बारिश में अपने पूरे वेग से बहता है और इसका दृश्य देखने लायक होता है।

महाबलेश्वर आने वाले पर्यटक अक्सर पास में स्थित पंचगनी भी घूमने जाते हैं। दोनों जगहों की दूरी बहुत कम है, इसलिए एक ही ट्रिप में दोनों डेस्टिनेशन आसानी से कवर किए जा सकते हैं।

अगर आपको स्ट्रॉबेरी पसंद है, तो यह जानना भी दिलचस्प होगा कि महाबलेश्वर अपनी स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है। हालांकि मुख्य सीजन सर्दियों का होता है, लेकिन यहां की स्थानीय मार्केट, होममेड जैम, चॉकलेट और अन्य उत्पाद पूरे साल मिल जाते हैं।

मुंबई से महाबलेश्वर की दूरी लगभग 260 किलोमीटर और पुणे से करीब 120 किलोमीटर है। अच्छी सड़क होने की वजह से यहां अपनी कार से रोड ट्रिप करना भी काफी लोकप्रिय है। बारिश के दौरान घाट सेक्शन में ड्राइव करते समय सावधानी जरूर रखें क्योंकि कई जगह घना कोहरा भी देखने को मिलता है।

अगर आप कपल ट्रिप, फैमिली वेकेशन या दोस्तों के साथ मानसून ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो महाबलेश्वर महाराष्ट्र की सबसे बेहतरीन जगहों में से एक है।

  • घूमने का सबसे अच्छा समय: जुलाई से सितंबर
  • कितने दिन रुकें: 2–3 दिन
  • अनुमानित बजट: ₹5,000–₹10,000 प्रति व्यक्ति
  • किन लोगों के लिए सबसे अच्छा: कपल, फैमिली, फोटोग्राफी और रोड ट्रिप पसंद करने वाले यात्री

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3. माथेरान – Matheran

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Matheran- Places to visit in Maharashtra

अगर आप ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां न गाड़ियों का शोर हो और न ही शहर की भागदौड़, तो माथेरान आपके लिए एक परफेक्ट मानसून डेस्टिनेशन हो सकता है। यह भारत का उन चुनिंदा हिल स्टेशनों में शामिल है जहां आज भी निजी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। यही वजह है कि यहां का वातावरण बेहद शांत और प्रदूषण मुक्त रहता है। मानसून शुरू होते ही माथेरान पूरी तरह बदल जाता है। पहाड़ों पर घना कोहरा छा जाता है, जंगलों में हरियाली लौट आती है और रास्तों के किनारे छोटे-छोटे झरने बहने लगते हैं। अगर आपको बारिश के बीच पैदल घूमना पसंद है, तो यह जगह आपको बेहद पसंद आएगी।

माथेरान की सबसे खास बात इसकी हेरिटेज टॉय ट्रेन है। मौसम अनुकूल होने पर इस ट्रेन का सफर किसी यादगार अनुभव से कम नहीं होता। हालांकि भारी बारिश के दौरान कभी-कभी इसकी सेवाओं में बदलाव हो सकता है, इसलिए यात्रा से पहले जानकारी जरूर लें। यहां घूमने के दौरान पैनोरमा पॉइंट, लुईसा पॉइंट, एको पॉइंट, चार्लोट लेक, वन ट्री हिल और हार्ट पॉइंट जैसी जगहें जरूर देखें। बारिश के मौसम में इन व्यू पॉइंट्स से दिखाई देने वाले बादलों का नजारा बेहद शानदार होता है।

चूंकि यहां वाहनों की अनुमति नहीं है, इसलिए दास्तुरी नाका से आगे आपको पैदल, घोड़े या हाथ से खींची जाने वाली रिक्शा का सहारा लेना पड़ता है। यही अनुभव माथेरान को दूसरे हिल स्टेशनों से अलग बनाता है। मुंबई से माथेरान लगभग 85 किलोमीटर और पुणे से करीब 120 किलोमीटर दूर है। अगर आप वीकेंड पर किसी शांत जगह जाना चाहते हैं, तो यह सबसे अच्छे विकल्पों में से एक है। मानसून में यहां की सुबह और शाम बेहद खूबसूरत होती है। कई बार पूरा इलाका बादलों में छिप जाता है और कुछ ही मिनटों बाद मौसम साफ होकर घाटियों का शानदार दृश्य दिखाने लगता है। यही बदलता मौसम माथेरान की सबसे बड़ी पहचान है।

  • घूमने का सबसे अच्छा समय: जून के अंत से सितंबर
  • कितने दिन रुकें: 2 दिन
  • अनुमानित बजट: ₹4,000–₹8,000 प्रति व्यक्ति
  • किन लोगों के लिए सबसे अच्छा: कपल, फैमिली, सोलो ट्रैवलर और नेचर लवर्स

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4. इगतपुरी – Igatpuri

green mountains under white clouds during daytime
Igatpuri- Best Places To Visit in Maharashtra

अगर मानसून में महाराष्ट्र की सबसे शांत और प्राकृतिक जगहों की बात की जाए, तो इगतपुरी (Igatpuri) का नाम जरूर लिया जाता है। नासिक जिले में स्थित यह छोटा-सा हिल स्टेशन पश्चिमी घाट की गोद में बसा हुआ है और बारिश शुरू होते ही किसी हरे-भरे स्वर्ग जैसा दिखाई देने लगता है। मुंबई और नासिक के बीच स्थित होने की वजह से यहां हर साल हजारों पर्यटक सिर्फ वीकेंड ट्रिप के लिए पहुंचते हैं। जैसे ही मानसून आता है, पूरी घाटी में हरियाली फैल जाती है। सड़क के दोनों तरफ ऊंची पहाड़ियां, बादलों से ढकी चोटियां और जगह-जगह बहते झरने सफर को बेहद खूबसूरत बना देते हैं।

अगर आप शहर की भीड़-भाड़ से दूर कुछ दिन सुकून से बिताना चाहते हैं, तो इगतपुरी एक शानदार विकल्प हो सकता है। यहां का मौसम जुलाई और अगस्त में सबसे ज्यादा सुहावना रहता है। सुबह के समय हल्का कोहरा और ठंडी हवा पूरे वातावरण को रोमांटिक बना देती है। इगतपुरी एडवेंचर पसंद करने वालों के बीच भी काफी लोकप्रिय है। यहां आसपास कई छोटे और मध्यम स्तर के ट्रेक मौजूद हैं, जहां मानसून के दौरान ट्रेकिंग का अलग ही अनुभव मिलता है। हालांकि बारिश के समय फिसलन अधिक होती है, इसलिए अच्छी ग्रिप वाले जूते पहनना जरूरी है।

यहां घूमने के दौरान भातसा रिवर वैली, कैमल वैली, त्रिंगलवाड़ी किला, विपश्यना इंटरनेशनल अकादमी, आर्थर लेक और आसपास के कई प्राकृतिक व्यू पॉइंट जरूर देखने चाहिए। खासकर कैमल वैली मानसून में अपने शानदार झरनों के लिए काफी प्रसिद्ध है। अगर आपको फोटोग्राफी का शौक है, तो इगतपुरी आपको निराश नहीं करेगा। यहां हर कुछ किलोमीटर पर ऐसा दृश्य देखने को मिलता है जहां रुककर तस्वीरें लेने का मन करता है। बादलों के बीच से निकलती सूरज की किरणें और पहाड़ों पर गिरती बारिश इस जगह की खूबसूरती को और भी बढ़ा देती हैं।

मुंबई से इगतपुरी की दूरी लगभग 120 किलोमीटर और नासिक से करीब 45 किलोमीटर है। सड़क और रेल दोनों माध्यमों से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। मुंबई-नासिक हाईवे की शानदार कनेक्टिविटी के कारण यह वीकेंड ट्रिप के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में से एक बन चुका है। अगर आप पहली बार मानसून में महाराष्ट्र घूमने का प्लान बना रहे हैं और ज्यादा भीड़ से बचना चाहते हैं, तो इगतपुरी आपकी सूची में जरूर होना चाहिए।

  • घूमने का सबसे अच्छा समय: जुलाई से सितंबर
  • कितने दिन रुकें: 2 दिन
  • अनुमानित बजट: ₹4,000–₹8,000 प्रति व्यक्ति
  • किन लोगों के लिए सबसे अच्छा: कपल, फैमिली, सोलो ट्रैवलर, ट्रेकिंग और फोटोग्राफी पसंद करने वाले लोग

5. अंबोली – Amboli

Best Places to visit in Maharashtra in Monsoon
Amboli

महाराष्ट्र और गोवा की सीमा के पास स्थित अंबोली (Amboli) को अक्सर राज्य का सबसे खूबसूरत मानसून हिल स्टेशन कहा जाता है। पश्चिमी घाट में बसा यह छोटा-सा कस्बा बारिश के मौसम में पूरी तरह बादलों से घिर जाता है। अगर आपने कभी फिल्मों में बादलों के बीच गायब होती सड़कें देखी हैं, तो वैसा ही नजारा आपको अंबोली में देखने को मिलेगा। अंबोली की सबसे बड़ी खासियत यहां की जैव विविधता (Biodiversity) है। यह इलाका पश्चिमी घाट के सबसे समृद्ध वन क्षेत्रों में शामिल है, जहां मानसून के दौरान सैकड़ों प्रकार के पौधे, रंग-बिरंगी तितलियां और दुर्लभ जीव-जंतु देखने को मिलते हैं।

यहां का सबसे प्रसिद्ध आकर्षण अंबोली वॉटरफॉल है। बारिश के दिनों में यह झरना पूरी ताकत के साथ गिरता है और इसकी गूंज दूर तक सुनाई देती है। इसके अलावा कवलेसाद पॉइंट, सनसेट पॉइंट, हिरण्यकेशी मंदिर और महादेवगढ़ पॉइंट भी घूमने लायक जगहें हैं। अंबोली उन लोगों के लिए भी शानदार डेस्टिनेशन है जिन्हें प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद है। यहां बड़े-बड़े रिसॉर्ट्स की बजाय छोटे होटल और होमस्टे ज्यादा मिलते हैं, जिससे स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने का मौका मिलता है।

अगर आप मानसून में लंबी रोड ट्रिप का आनंद लेना चाहते हैं, तो अंबोली तक का सफर भी उतना ही खूबसूरत है जितनी मंजिल। घुमावदार सड़कें, चारों तरफ फैले जंगल और लगातार बदलता मौसम इस यात्रा को बेहद यादगार बना देते हैं। मुंबई से अंबोली की दूरी लगभग 490 किलोमीटर, पुणे से करीब 340 किलोमीटर और गोवा से लगभग 90 किलोमीटर है। अगर आप गोवा ट्रिप के साथ इसे जोड़ना चाहें, तो यह आसानी से संभव है। मानसून के दौरान यहां कभी-कभी बहुत घना कोहरा भी छा जाता है। इसलिए अपनी गाड़ी से यात्रा कर रहे हैं, तो धीरे और सावधानी से ड्राइव करें।

  • घूमने का सबसे अच्छा समय: जून से सितंबर
  • कितने दिन रुकें: 2–3 दिन
  • अनुमानित बजट: ₹5,000–₹9,000 प्रति व्यक्ति
  • किन लोगों के लिए सबसे अच्छा: नेचर लवर्स, कपल, रोड ट्रिप, फोटोग्राफर और एडवेंचर पसंद करने वाले यात्री

6. भंडारदरा – Bhandardara

अगर आप मानसून में ऐसी जगह जाना चाहते हैं जहां भीड़ कम हो और प्राकृतिक सुंदरता भरपूर मिले, तो भंडारदरा (Bhandardara) आपके लिए एक शानदार विकल्प है। अहमदनगर जिले में स्थित यह खूबसूरत हिल स्टेशन अभी भी महाराष्ट्र के कई लोकप्रिय पर्यटन स्थलों की तुलना में कम भीड़ वाला माना जाता है। यही कारण है कि यहां आपको प्रकृति के बीच शांति से समय बिताने का मौका मिलता है।

मानसून के दौरान भंडारदरा का पूरा इलाका हरियाली से भर जाता है। आसपास की पहाड़ियां, घने जंगल, बादलों से ढकी घाटियां और लगातार बहते झरने इस जगह को किसी पोस्टकार्ड जैसा सुंदर बना देते हैं। अगर आपको शहर के शोर-शराबे से दूर कुछ दिन सुकून चाहिए, तो यह जगह बिल्कुल सही रहेगी।

भंडारदरा की सबसे बड़ी पहचान आर्थर लेक (Arthur Lake) है। बारिश के मौसम में झील पूरी तरह पानी से भर जाती है और आसपास का दृश्य बेहद आकर्षक दिखाई देता है। सुबह के समय झील के किनारे बैठकर बादलों को पहाड़ों के बीच गुजरते देखना अपने आप में एक अलग अनुभव है।

यहां का सबसे प्रसिद्ध आकर्षण रंधा फॉल्स (Randha Falls) है। लगभग 170 फीट की ऊंचाई से गिरने वाला यह झरना मानसून के दौरान अपने पूरे वेग में होता है। पानी की तेज आवाज और आसपास की हरियाली मिलकर ऐसा दृश्य बनाते हैं जिसे देखकर हर पर्यटक कुछ देर के लिए वहीं रुक जाना चाहता है।

अगर आपको ट्रेकिंग पसंद है, तो भंडारदरा आपके लिए और भी खास हो जाता है। यहां से महाराष्ट्र की सबसे ऊंची चोटी कालसुबाई पीक (Kalsubai Peak) की ट्रेकिंग शुरू होती है। हालांकि भारी बारिश के दौरान ट्रेकिंग केवल अनुभवी गाइड के साथ ही करनी चाहिए।

इसके अलावा विल्सन डैम, अम्ब्रेला फॉल्स, रतनगढ़ किला और आसपास के कई व्यू पॉइंट भी देखने लायक हैं। बारिश के बाद यहां छोटे-छोटे अस्थायी झरने भी बन जाते हैं, जो पूरे इलाके की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देते हैं।

मुंबई से भंडारदरा की दूरी लगभग 165 किलोमीटर और पुणे से करीब 170 किलोमीटर है। अच्छी सड़क होने की वजह से यहां रोड ट्रिप करना काफी लोकप्रिय है। अगर आप सुबह जल्दी निकलते हैं, तो रास्ते भर पश्चिमी घाट की हरियाली का शानदार नजारा देखने को मिलेगा।

अगर आप मानसून में महाराष्ट्र की भीड़भाड़ वाली जगहों से अलग किसी शांत डेस्टिनेशन की तलाश में हैं, तो भंडारदरा आपकी उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरेगा।

  • घूमने का सबसे अच्छा समय: जुलाई से सितंबर
  • कितने दिन रुकें: 2 दिन
  • अनुमानित बजट: ₹4,500–₹9,000 प्रति व्यक्ति
  • किन लोगों के लिए सबसे अच्छा: नेचर लवर्स, कपल, ट्रेकर्स, रोड ट्रिप और फोटोग्राफी पसंद करने वाले यात्री

7. कास पठार – Kaas Plateau

अगर आप फूलों और प्राकृतिक सुंदरता के शौकीन हैं, तो कास पठार (Kaas Plateau) आपकी मानसून ट्रिप का सबसे खूबसूरत हिस्सा बन सकता है। इसे अक्सर “Maharashtra’s Valley of Flowers भी कहा जाता है। यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल यह पठार हर साल मानसून के अंत में लाखों रंग-बिरंगे जंगली फूलों से ढक जाता है। हालांकि यहां आने का सही समय जानना बेहद जरूरी है। कई लोग जुलाई में पहुंच जाते हैं, लेकिन उस समय अधिकतर फूल नहीं खिले होते। अगस्त के आखिर से सितंबर के मध्य तक का समय कास पठार घूमने के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है। इसी दौरान यहां 800 से ज्यादा प्रजातियों के जंगली फूल देखने को मिलते हैं।

बारिश के बाद जब पूरा पठार रंग-बिरंगे फूलों से भर जाता है, तो ऐसा लगता है जैसे किसी ने धरती पर रंगों की चादर बिछा दी हो। यही कारण है कि प्रकृति प्रेमी, फोटोग्राफर और वनस्पति विज्ञान में रुचि रखने वाले लोग हर साल यहां बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। कास पठार सिर्फ फूलों के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास की प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जाना जाता है। यहां से दिखाई देने वाली पहाड़ियां, छोटे-छोटे झरने और बादलों से घिरा वातावरण मानसून यात्रा को यादगार बना देते हैं।

यहां घूमने के दौरान कास लेक, सज्जनगढ़ किला, थोसेघर वॉटरफॉल और आसपास के कई प्राकृतिक व्यू पॉइंट भी देखे जा सकते हैं। अगर आपके पास दो दिन का समय है, तो इन सभी जगहों को आराम से एक्सप्लोर किया जा सकता है। ध्यान रखें कि कास पठार एक संरक्षित जैव विविधता क्षेत्र है। इसलिए यहां निर्धारित रास्तों पर ही चलें, फूलों को तोड़ने की कोशिश न करें और प्लास्टिक कचरा बिल्कुल न फैलाएं। यही छोटी-छोटी बातें इस खूबसूरत जगह को आने वाले वर्षों तक सुरक्षित रखेंगी।

मुंबई से कास पठार की दूरी लगभग 280 किलोमीटर और पुणे से करीब 140 किलोमीटर है। सड़क मार्ग से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। अगर आप मानसून के दौरान महाराष्ट्र की सबसे अनोखी प्राकृतिक जगह देखना चाहते हैं, तो कास पठार आपकी यात्रा का हिस्सा जरूर होना चाहिए।

  • घूमने का सबसे अच्छा समय: अगस्त के अंत से सितंबर के मध्य
  • कितने दिन रुकें: 2 दिन
  • अनुमानित बजट: ₹5,000–₹9,500 प्रति व्यक्ति
  • किन लोगों के लिए सबसे अच्छा: नेचर लवर्स, फोटोग्राफर, फैमिली, कपल और वाइल्ड फ्लावर देखने के शौकीन यात्री

8. खंडाला – Khandala

Best Places to Visit in Maharashtra in Monsoon
Khandala- Best Places to Visit in Maharashtra in Monsoon

अगर आपने कभी बारिश के मौसम में मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सफर किया है, तो खंडाला (Khandala) की खूबसूरती जरूर देखी होगी। लोनावाला से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह हिल स्टेशन मानसून में किसी हरी-भरी घाटी से कम नहीं लगता। हालांकि कई लोग लोनावाला और खंडाला को एक ही समझते हैं, लेकिन दोनों का अनुभव थोड़ा अलग है। खंडाला की सबसे बड़ी खासियत इसका शांत वातावरण है। यहां लोनावाला की तुलना में भीड़ अपेक्षाकृत कम रहती है, इसलिए अगर आप प्रकृति के बीच बिना ज्यादा शोर-शराबे के समय बिताना चाहते हैं, तो यह जगह आपके लिए बेहतर साबित हो सकती है।

मानसून के दौरान यहां सैकड़ों छोटे-बड़े झरने दिखाई देने लगते हैं। घाटियों में बादल इतने नीचे आ जाते हैं कि कई बार सड़क पर चलते हुए ऐसा महसूस होता है जैसे आप बादलों के बीच सफर कर रहे हों। सुबह और शाम का समय यहां सबसे ज्यादा खूबसूरत होता है। खंडाला में घूमने के दौरान ड्यूक्स नोज (Duke’s Nose), राजमाची गार्डन, शूटिंग पॉइंट, अमृतांजन पॉइंट और रीवर्सिंग स्टेशन व्यू पॉइंट जरूर देखें। अगर मौसम साफ हो जाए, तो इन व्यू पॉइंट्स से पश्चिमी घाट का शानदार नजारा दिखाई देता है।

अगर आपको हल्की ट्रेकिंग पसंद है, तो ड्यूक्स नोज ट्रेक काफी लोकप्रिय है। हालांकि बारिश के दौरान यहां फिसलन बढ़ जाती है, इसलिए बिना उचित जूतों और स्थानीय जानकारी के ट्रेक शुरू न करें। मुंबई से खंडाला की दूरी लगभग 82 किलोमीटर और पुणे से करीब 70 किलोमीटर है। सड़क और रेल दोनों माध्यमों से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। यही वजह है कि वीकेंड पर यहां पर्यटकों की अच्छी-खासी संख्या देखने को मिलती है। अगर आप लोनावाला जा रहे हैं, तो एक ही ट्रिप में खंडाला को भी आसानी से कवर किया जा सकता है।

  • घूमने का सबसे अच्छा समय: जून से सितंबर
  • कितने दिन रुकें: 1–2 दिन
  • अनुमानित बजट: ₹4,000–₹8,000 प्रति व्यक्ति
  • किन लोगों के लिए सबसे अच्छा: वीकेंड ट्रिप, कपल, फैमिली, रोड ट्रिप और फोटोग्राफी पसंद करने वाले यात्री

9. पंचगनी – Panchgani

महाबलेश्वर से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पंचगनी (Panchgani) मानसून में महाराष्ट्र के सबसे खूबसूरत हिल स्टेशनों में गिना जाता है। पांच छोटी-छोटी पहाड़ियों के बीच बसे होने की वजह से इसका नाम पंचगनी पड़ा। बारिश के मौसम में यह पूरा इलाका हरियाली और बादलों से ढक जाता है। अगर आपको शांत वातावरण, शानदार व्यू पॉइंट्स और लंबी वॉक पसंद है, तो पंचगनी आपको जरूर पसंद आएगा। यहां की साफ हवा और ठंडा मौसम मानसून ट्रिप को और भी यादगार बना देते हैं।

पंचगनी का सबसे प्रसिद्ध आकर्षण टेबल लैंड (Table Land) है। यह एशिया के सबसे बड़े ज्वालामुखीय पठारों में से एक माना जाता है। मानसून के दौरान यहां से दिखाई देने वाली हरी घाटियां और बादलों का नजारा बेहद आकर्षक होता है। इसके अलावा सिडनी पॉइंट, पारसी पॉइंट, डेविल्स किचन (Devil’s Kitchen) और आसपास के कई व्यू पॉइंट भी घूमने लायक हैं। अगर मौसम साफ हो, तो यहां से कृष्णा घाटी का बेहद खूबसूरत दृश्य दिखाई देता है।

पंचगनी अपने बोर्डिंग स्कूलों और स्ट्रॉबेरी फार्म्स के लिए भी प्रसिद्ध है। हालांकि स्ट्रॉबेरी का मुख्य सीजन अलग होता है, लेकिन यहां का शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता पूरे साल पर्यटकों को आकर्षित करती है। अगर आप महाबलेश्वर की यात्रा कर रहे हैं, तो पंचगनी को अपनी यात्रा में जरूर शामिल करें। दोनों जगहें इतनी करीब हैं कि एक ही ट्रिप में आराम से घूमी जा सकती हैं। मुंबई से पंचगनी की दूरी लगभग 245 किलोमीटर और पुणे से करीब 100 किलोमीटर है।

  • घूमने का सबसे अच्छा समय: जुलाई से सितंबर
  • कितने दिन रुकें: 1–2 दिन
  • अनुमानित बजट: ₹4,500–₹9,000 प्रति व्यक्ति
  • किन लोगों के लिए सबसे अच्छा: फैमिली, कपल, सोलो ट्रैवलर और प्रकृति प्रेमी

10. थोसेघर वॉटरफॉल – Thoseghar Waterfalls

अगर आप मानसून में महाराष्ट्र के सबसे शानदार झरनों में से किसी एक को देखना चाहते हैं, तो थोसेघर वॉटरफॉल (Thoseghar Waterfalls) आपकी सूची में जरूर होना चाहिए। सतारा जिले में स्थित यह झरना बारिश के मौसम में हजारों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। करीब 500 फीट की ऊंचाई से गिरता यह झरना मानसून के दौरान अपने सबसे खूबसूरत रूप में दिखाई देता है। दूर से गिरते पानी की आवाज और आसपास फैली हरियाली मिलकर ऐसा दृश्य बनाती है जिसे लंबे समय तक भुलाया नहीं जा सकता।

झरने तक पहुंचने के लिए सुरक्षित वॉकवे और व्यूइंग प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं, जहां से पर्यटक बिना किसी जोखिम के शानदार नजारा देख सकते हैं। बारिश के समय सुरक्षा कारणों से कुछ हिस्सों में प्रवेश सीमित भी किया जा सकता है। थोसेघर के आसपास कई छोटे-छोटे झरने भी बन जाते हैं, जिससे पूरा इलाका बेहद आकर्षक दिखाई देता है। अगर आपको फोटोग्राफी पसंद है, तो यह जगह आपके लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। अगर आप कास पठार घूमने जा रहे हैं, तो थोसेघर वॉटरफॉल को उसी यात्रा में शामिल करना सबसे अच्छा रहेगा क्योंकि दोनों जगहें एक-दूसरे के काफी करीब हैं। मुंबई से इसकी दूरी लगभग 280 किलोमीटर और पुणे से करीब 140 किलोमीटर है।

  • घूमने का सबसे अच्छा समय: जुलाई से सितंबर
  • कितने दिन रुकें: आधा दिन से 1 दिन
  • अनुमानित बजट: ₹3,500–₹7,000 प्रति व्यक्ति
  • किन लोगों के लिए सबसे अच्छा: फैमिली, कपल, फोटोग्राफर और नेचर लवर्स

11. तारकर्ली – Tarkarli

अगर आप मानसून में महाराष्ट्र की यात्रा के दौरान पहाड़ों के साथ समुद्र का भी आनंद लेना चाहते हैं, तो तारकर्ली (Tarkarli) एक शानदार विकल्प है। सिंधुदुर्ग जिले में स्थित यह खूबसूरत तटीय गांव अपने साफ समुद्र, शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। ज्यादातर लोग यहां सर्दियों में आते हैं, लेकिन बारिश के मौसम में तारकर्ली का बिल्कुल अलग और बेहद सुकून भरा रूप देखने को मिलता है।

मानसून के दौरान यहां पर्यटकों की भीड़ काफी कम हो जाती है। नारियल और सुपारी के पेड़ों से घिरे रास्ते, हल्की बारिश, समुद्र से आने वाली ठंडी हवा और हरी-भरी हरियाली पूरे इलाके को बेहद आकर्षक बना देती है। अगर आपका उद्देश्य भीड़ से दूर आराम करना और प्रकृति के बीच कुछ शांत दिन बिताना है, तो तारकर्ली आपके लिए बेहतरीन जगह साबित हो सकती है।

हालांकि भारी बारिश के दौरान स्कूबा डाइविंग और कुछ वॉटर स्पोर्ट्स अस्थायी रूप से बंद हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यहां घूमने के लिए कुछ नहीं है। आप तारकर्ली बीच, देवबाग संगम, सिंधुदुर्ग किला, करली बैकवॉटर और आसपास के कोकणी गांवों की सैर का आनंद ले सकते हैं। बारिश के मौसम में बैकवॉटर के किनारे बैठकर स्थानीय कोकणी भोजन का स्वाद लेना एक अलग ही अनुभव देता है।

तारकर्ली मुंबई से लगभग 540 किलोमीटर और पुणे से करीब 390 किलोमीटर दूर है। यहां सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। कोंकण रेलवे के माध्यम से भी पास के स्टेशनों तक पहुंचकर आगे टैक्सी ली जा सकती है।

अगर आप एक ही ट्रिप में समुद्र, हरियाली और स्थानीय संस्कृति का अनुभव करना चाहते हैं, तो मानसून में तारकर्ली जरूर घूमना चाहिए।

  • घूमने का सबसे अच्छा समय: जुलाई से सितंबर
  • कितने दिन रुकें: 2–3 दिन
  • अनुमानित बजट: ₹6,000–₹12,000 प्रति व्यक्ति

अगर आप बारिश के मौसम में घूमने की योजना बना रहे हैं, तो महाराष्ट्र आपको हर तरह का अनुभव देता है। लोनावाला और खंडाला की बादलों से घिरी घाटियां, महाबलेश्वर और पंचगनी की हरियाली, इगतपुरी और भंडारदरा की शांत वादियां, अंबोली के झरने, कास पठार के रंग-बिरंगे फूल और तारकर्ली का सुकून भरा समुद्र—हर जगह मानसून में एक नया रूप लेकर सामने आती है।

अपनी पसंद, बजट और उपलब्ध समय के अनुसार इनमें से किसी भी जगह को चुन सकते हैं। सही तैयारी और मौसम की जानकारी के साथ की गई यात्रा न केवल सुरक्षित रहती है, बल्कि आपको महाराष्ट्र की प्राकृतिक सुंदरता को उसके सबसे खूबसूरत रूप में देखने का मौका भी देती है।

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